रायपुर,18 सितम्बर 2026
राजधानी रायपुर के लाभांडी इलाके में WhatsApp पर आई एक अनजान APK फाइल कारोबारी के लिए भारी पड़ गई। फाइल डाउनलोड होने के बाद साइबर ठगों ने महज तीन घंटे के भीतर 4.15 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित कारोबारी ने साइबर पोर्टल और खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ऑटो डाउनलोड के चलते मोबाइल में पहुंची फाइल
रहेजा रेसीडेंसी, लाभांडी निवासी तनुज अग्रवाल (35) थोक कारोबारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर को उनके मोबाइल नंबर पर WhatsApp के जरिए एक APK फाइल भेजी गई थी। उनके WhatsApp में ऑटो डाउनलोड सेटिंग चालू होने के कारण फाइल अपने आप मोबाइल में डाउनलोड हो गई।
तीन घंटे में 4.15 लाख रुपये पार
पुलिस के मुताबिक, सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच ठगी को अंजाम दिया गया। सबसे पहले ठगों ने बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से 69,998.97 रुपये निकाल लिए। इसके बाद यूनियन बैंक के चालू खाते से UPI के जरिए 3,45,530.95 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इस तरह कारोबारी के साथ कुल 4,15,529.92 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। बैंक से रकम निकलने के मैसेज मिलने के बाद कारोबारी को ठगी का पता चला और उन्होंने तत्काल साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
खम्हारडीह थाने में मामला दर्ज
पीड़ित ने साइबर अपराध पोर्टल पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई। साथ ही मोबाइल में डाउनलोड हुई संदिग्ध APK फाइल और उससे हुई गतिविधियों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
अनजान APK फाइल से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि WhatsApp पर अनजान नंबर से आई APK या किसी भी एप फाइल को डाउनलोड न करें। ठग अक्सर बैंक, KYC अपडेट, नौकरी, इनाम या बिजली बिल के नाम पर ऐसी फाइलें भेजते हैं।
मोबाइल में WhatsApp की ऑटो डाउनलोड सेटिंग बंद रखना सुरक्षित हो सकता है। यदि गलती से कोई संदिग्ध एप डाउनलोड हो जाए तो तुरंत बैंक खातों की गतिविधियों पर नजर रखें और संदिग्ध लेनदेन होने पर बैंक को सूचना देने के साथ साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।



