रायपुर, 25 जुलाई 2026
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जशपुर वनमण्डल ने वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 23 जुलाई 2026 को वन परिक्षेत्र सन्ना के दो अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाकर शासकीय वनभूमि को मुक्त कराया गया। इसके साथ ही मुक्त कराई गई भूमि पर तत्काल पौधरोपण अभियान भी शुरू कर दिया गया।
ग्राम सुलेसा में 0.669 हेक्टेयर वनभूमि कराई मुक्त
ग्राम सुलेसा के कक्ष क्रमांक पी-107 में लगभग 0.669 हेक्टेयर वनभूमि पर अनिल राजवाड़े द्वारा किए जा रहे अवैध अतिक्रमण की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। टीम ने अवैध कब्जा हटाकर पूरी वनभूमि को विभाग के आधिपत्य में लिया और उसी दिन पौधरोपण कार्य प्रारंभ कर दिया। विभाग का कहना है कि इससे हरित आवरण बढ़ाने और जैव विविधता के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
ग्राम चुंदापाठ में अवैध निर्माण ध्वस्त
इसी दिन ग्राम चुंदापाठ के कक्ष क्रमांक पी.एफ. 109 के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सूर्यनारायण यादव, पिता जानकी यादव, द्वारा वनभूमि पर पत्थरों की घेराबंदी कर ईंटों से छपरी का निर्माण किया गया था, जहां मवेशी रखे जा रहे थे। वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और संबंधित व्यक्ति को वनभूमि से बेदखल कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
वन संरक्षण अभियान रहेगा जारी
जशपुर वनमण्डल ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण, निर्माण और कब्जे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि मुक्त कराई गई भूमि पर पौधरोपण और प्राकृतिक पुनर्जीवन के माध्यम से वन संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना भी है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि शासकीय वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण न करें। यदि कहीं भी वनभूमि पर अतिक्रमण या वन अपराध की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय को दें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने कहा कि वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।



