रायपुर,20 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कोटा स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में घरेलू विवाद के दौरान एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पत्नी से विवाद के बाद एक पिता ने अपनी छह माह की मासूम बेटी को दो बार जमीन पर पटक दिया, जिससे बच्ची बेहोश हो गई। गंभीर हालत में बच्ची को एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है। मामले में सरस्वती नगर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

मायके जाने की बात पर हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक-35, मकान नंबर-01, कोटा निवासी सरगम कावरिया ने बताया कि करीब नौ महीने पहले उसने आशीष कावरिया से कोर्ट मैरिज की थी। 14 अक्टूबर की शाम वह समता कॉलोनी स्थित अपने मायके से घर लौटी थी।

रात करीब नौ बजे उसका पति आशीष घर पहुंचा और मायके जाने की बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर रात करीब डेढ़ बजे उसने मारपीट शुरू कर दी।

मां के विरोध करने पर दोबारा पटका

आरोप है कि विवाद के दौरान पति ने अपनी छह माह की बेटी हिमानी को उठाकर जमीन पर पटक दिया। पत्नी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने बच्ची को दोबारा जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची बेहोश हो गई।

घटना के बाद मां ने अपने मामा ससुर और मामी सास को बुलाया। परिजन तत्काल बच्ची को एम्स लेकर पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया। बच्ची का उपचार जारी है।

पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर आरोपी आशीष कावरिया (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया।

रायपुर में पहले भी सामने आ चुकी हैं बच्चों के साथ हिंसा की घटनाएं

राजधानी रायपुर में बच्चों के साथ मारपीट और घरेलू हिंसा के कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं।

18 नवंबर 2025: कबीर नगर क्षेत्र के हीरापुर सतनामी पारा में ढाई वर्षीय प्रशांत सेन की मौत का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में सौतेले पिता पर लगातार मारपीट करने का आरोप लगा था। इस मामले में मां और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया था।

सितंबर 2026: माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई साहूपारा में पारिवारिक विवाद के बाद भुनेश्वर साहू ने अपनी पत्नी खिलेश्वरी साहू और दो बेटों आशीष (10) व ज्ञान (8) पर चाकू से हमला कर दिया था। इस घटना में तीनों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर विवाद की बात सामने आई थी।

13 अक्टूबर 2026: पंडरी के तरुण नगर में तीन वर्षीय रोहित और उसके भाई-बहन के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप था कि बच्चों की मां अन्नू देवी और सौतेला पिता राजा दीप उनके साथ मारपीट करते थे और उन्हें खाना भी नहीं देते थे। घटना में रोहित का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। उसके शरीर पर सिगरेट से दागने के निशान मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। छह वर्षीय बहन लक्ष्मी ने मोहल्ले के लोगों को घटना के बारे में बताया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई की थी।

गुस्से पर नियंत्रण की कमी भी हो सकती है वजह: विशेषज्ञ

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि दुबे के अनुसार, कुछ लोगों में तनाव सहने और गुस्से को नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर होती है। घरेलू विवाद, आर्थिक दबाव, आपसी तनाव या अपनी बात मनवाने की जिद में ऐसे लोग अपना आपा खो सकते हैं।

कई बार उन्हें लगता है कि मारपीट के जरिए वे बच्चों या परिवार के दूसरे सदस्यों को नियंत्रित कर सकते हैं। बचपन में हिंसा का अनुभव करने वाले कुछ लोग बड़े होकर भी इसी व्यवहार को दोहरा सकते हैं।

हालांकि, तनाव या गुस्सा किसी भी स्थिति में बच्चों के साथ हिंसा को जायज नहीं ठहराता। छोटे बच्चे अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते और अपना बचाव भी नहीं कर सकते, इसलिए वे हिंसा के आसान निशाने बन जाते हैं।

विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसे मामलों में केवल घटना के बाद कानूनी कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। हिंसक व्यवहार करने वाले व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक जांच, गुस्सा नियंत्रित करने के लिए परामर्श और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा पर रोक जरूरी

रायपुर की यह घटना घरेलू विवादों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पति-पत्नी के बीच होने वाले विवाद का सबसे खतरनाक असर कई बार मासूम बच्चों पर पड़ता है, जो अपना बचाव करने में सक्षम नहीं होते।

ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई, चिकित्सा सहायता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। परिवार और समाज को भी बच्चों के प्रति हिंसा के मामलों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए।

फिलहाल बच्ची एम्स के आईसीयू में भर्ती है और उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

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