नई दिल्ली,27 जुलाई 2026
केंद्र सरकार आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (Prevention of Unfair Means) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में यह विधेयक प्रस्तुत करेंगे। इस बिल पर 8 से 10 घंटे तक चर्चा होने की संभावना है।
यह संशोधन विधेयक पेपर लीक, नकल और परीक्षा में होने वाली अन्य अनियमितताओं पर सख्ती लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके माध्यम से 2024 के कानून में संशोधन कर जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का प्रस्ताव है।
संशोधित विधेयक के तहत पेपर लीक मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जा सकेंगे। साथ ही दो महीने के भीतर जांच पूरी करने और मामलों की रोजाना सुनवाई का प्रावधान भी किया गया है, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने विधेयक में आरोपियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा है। इसके तहत राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश आवश्यकता के अनुसार विशेष अदालतों का गठन कर सकेंगे।
एनडीए ने इस बहस में युवा सांसदों को प्रमुखता देने की रणनीति बनाई है। सरकार की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या इस विधेयक पर अपनी बात रखेंगे।
इसके अलावा सदन में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन के सामने रखेंगे।
वहीं, पेपर लीक विधेयक पर होने वाली चर्चा में विभिन्न दलों के कई सांसद भी हिस्सा लेंगे, जिनमें सयोनी घोष, मिताली बाग, लावु श्री कृष्ण देवरायलु, लल्लन सिंह, डॉ. श्रीकांत शिंदे, सुनील तटकरे, अनुप्रिया पटेल और अरुण भारती सहित अन्य नेता शामिल हैं।



