नई दिल्ली, 9 जून 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है, जो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए गैंगस्टर के संपर्क में आए थे।
पुलिस जांच के अनुसार, तीनों नाबालिग पहले पंजाब के एक युवक से ऑनलाइन गेम खेलते हुए जुड़े थे। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और बाद में युवक ने उन्हें पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी से जोड़ दिया। इसके बाद सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से उनकी लगातार बातचीत होती रही।
नाबालिगों के पास से मिलीं पिस्तौल
स्पेशल सेल ने आरोपियों के कब्जे से कई पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि ये हथियार गैंगस्टर के नेटवर्क के जरिए नाबालिगों तक पहुंचाए गए थे। पुलिस अब हथियारों की फोरेंसिक जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
पंजाब से दिल्ली-NCR तक फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि गाजियाबाद का एक नाबालिग ऑनलाइन गेमिंग के दौरान पंजाब के युवक के संपर्क में आया था। बाद में उसने अपने दो अन्य साथियों को भी इस नेटवर्क से जोड़ लिया। तीनों कथित तौर पर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए गैंगस्टर के संपर्क में बने हुए थे।
सोशल मीडिया पोस्ट से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग ने कथित तौर पर गैंगस्टर के नेटवर्क से मिली पिस्तौल के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। इसी पोस्ट ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिया। तकनीकी और खुफिया जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
ऐसे काम करता था नेटवर्क
- ऑनलाइन गेमिंग के जरिए किशोरों से दोस्ती की जाती थी।
- सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ाया जाता था।
- बातचीत के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था।
- पहले छोटे और फिर बड़े आपराधिक कार्यों में शामिल करने की कोशिश की जाती थी।
जांच एजेंसियों के सामने चुनौती
पुलिस के अनुसार, ऐसे नेटवर्क फर्जी प्रोफाइल, अलग-अलग राज्यों और देशों से संचालन तथा एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के कारण पकड़ में आने में कठिन होते हैं। हालांकि डिजिटल फुटप्रिंट, सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकता है।
फिलहाल स्पेशल सेल पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।


