नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026

केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), अल-कायदा और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं।

सरकार के मुताबिक, इन आतंकियों पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और आतंकी हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। सूची में शामिल कुछ आतंकियों के तार 2016 के नगरोटा सेना कैंप हमले और 2018 के सुंजवान मिलिट्री स्टेशन हमले से भी जुड़े बताए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार को हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताया है। मंत्रालय के अनुसार, ये आतंकी फंडिंग, आतंकियों के बीच समन्वय और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को इन आतंकियों की संपत्तियां जब्त करने, फंडिंग रोकने और हथियारों की आपूर्ति पर कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार मिलेगा। वर्ष 2019 में UAPA संशोधन के बाद सरकार को किसी व्यक्ति को भी सीधे आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिला था।

23 नए नाम जुड़ने के बाद UAPA के तहत घोषित आतंकियों की कुल संख्या 80 हो गई है। सूची में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा से जुड़े कई सक्रिय आतंकियों को शामिल किया गया है।

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