काठमांडू, 28 अगस्त 2026

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त की सुबह आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने रसुवा समेत कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। आपदा के 72 घंटे बाद अब नदी का बहाव शांत हुआ है, लेकिन चारों तरफ मलबे का अंबार और तबाही के निशान नजर आ रहे हैं।

बाढ़ और भूस्खलन के बाद 475 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1600 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 290 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा 30 से ज्यादा देशों के नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

350 मजदूरों का किया गया रेस्क्यू

इस बीच त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को नेपाली सेना की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे।

नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक करीब 1600 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 796 लोगों को हेलीकॉप्टर और 796 लोगों को जमीनी रास्ते से सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।

चितवन में मिले सबसे ज्यादा शव

आपदा प्रभावित इलाकों में चितवन जिले से सबसे ज्यादा 137 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी जिलों से भी शव बरामद हुए हैं।

फ्लैश फ्लड के कारण 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। करीब 40 किलोमीटर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी है।

भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा प्रभावित

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय बस सेवा पर भी पड़ा है। भारी बाढ़ के कारण दिल्ली-काठमांडू बस सेवा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है।

दिल्ली परिवहन निगम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से 28 और 29 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू जाने वाली बस सेवा स्थगित रहेगी। बाढ़ के कारण कई सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से दोनों देशों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

तिब्बत में 555 पर्यटकों का रेस्क्यू

उधर, तिब्बत में फंसे 555 पर्यटकों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। चीनी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि तिब्बत से निकाले गए इन पर्यटकों का आंकड़ा नेपाल की ओर से जारी प्रभावित या लापता लोगों की संख्या में शामिल है या नहीं।

भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है। वहीं भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और श्रीलंका ने नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मदद की पेशकश की है।

राहत और बचाव अभियान जारी

नेपाल के कई हिस्सों में अब भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और सड़क-पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत एवं बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे में फंसे लोगों और शवों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts