जगदलपुर,31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी। कोर्ट में आज 31 अगस्त को निर्णय आने की संभावना थी, लेकिन अब 5 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया जाएगा।
इससे पहले 12 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 31 अगस्त की तारीख तय की थी। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।
25 मई 2013 को हुआ था भीषण हमला
25 मई 2013 को सुकमा जिले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के बाद नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर की ओर रवाना हुआ था। काफिले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
शाम करीब 4 बजे झीरम घाटी के पास नक्सलियों ने पेड़ गिराकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सलियों ने काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत कई लोगों की मौत हुई थी।
मारे गए प्रमुख नेताओं में नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, दिनेश पटेल और उदय मुदलियार सहित कई नाम शामिल थे। नक्सलियों ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एंबुश के जरिए अंजाम देने की बात कही थी।
NIA ने शुरू की थी जांच
हमले के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी थी। NIA ने जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियोजन के दौरान इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई, जबकि अन्य आरोपी मामले का सामना कर रहे हैं।
इस मामले में कांग्रेस की ओर से लंबे समय से सुरक्षा में चूक और घटना के पीछे बड़ी साजिश की जांच की मांग उठती रही है।
भूपेश बघेल ने NIA जांच पर उठाए सवाल
फैसले से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर NIA की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि FIR में नामजद लोगों से पूछताछ नहीं की गई और घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए।
बघेल ने कहा कि घटना के पीछे मौजूद षड्यंत्रकारियों तक पहुंचने की दिशा में पर्याप्त जांच नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री से मामले की जांच राज्य सरकार को सौंपने की मांग की थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने मामले की आगे जांच के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
TS सिंहदेव ने भी दिया था बयान
इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी झीरम घाटी मामले को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वह खुद इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और उन्होंने जगदलपुर पहुंचकर NIA के सामने अपनी आंखों देखी घटना का बयान दर्ज कराया था।
सिंहदेव ने दावा किया था कि घटना के दिन पूरे इलाके में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े अहम तथ्यों को उन्होंने अपने बयान में दर्ज कराया है और यदि इन तथ्यों को जांच व फैसले में जगह मिलती है तो पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं को न्याय मिलने का संतोष होगा।
अब सभी की नजरें 5 सितंबर 2026 को होने वाले NIA कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।



