स्पोर्ट्स डेस्क,3 अगस्त 2026

ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान शानदार प्रदर्शन के साथ समाप्त हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक जीतकर इतिहास रचा, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा।

भारत और स्कॉटलैंड दोनों ने 13-13 स्वर्ण पदक जीते, लेकिन भारत के खाते में 17 रजत पदक होने के कारण उसने स्कॉटलैंड को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया। स्कॉटलैंड के पास 9 रजत पदक रहे।

भारतीय दल के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कौशल, दृढ़ संकल्प और समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया है तथा उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं को प्रेरित करती रहेंगी।

मेडल टैली में ऑस्ट्रेलिया 171 पदकों (70 स्वर्ण) के साथ पहले स्थान पर रहा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

भारत को सबसे बड़ी सफलता बॉक्सिंग में मिली, जहां खिलाड़ियों ने 10 पदक, जिनमें रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक शामिल हैं, अपने नाम किए। वहीं जूडो में भारत ने पहली बार 2 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं।

नीरज चोपड़ा ने पुरुष जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य जीतकर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

खास बात यह रही कि भारत ने कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे पारंपरिक मजबूत खेलों की अनुपस्थिति के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ अभियान में से एक दर्ज किया।

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