बालोद,13 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से नौकरी के नाम पर मजदूरों को दूसरे राज्य ले जाकर बंधक बनाने और परिजनों से पैसे मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दो मजदूरों को नागपुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उनसे जबरन काम कराया जा रहा है। मजदूरों को छुड़ाने के लिए परिजनों ने 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिहाई नहीं हुई। परेशान परिजनों ने अब कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मदद की गुहार लगाई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का दिया झांसा
जानकारी के अनुसार, बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर निवासी संपत चतुर्वेदी और राकेश खत्री को अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंगझर निवासी चंद्रेश ठाकुर ने दोनों को नागपुर की एक बिस्किट फैक्ट्री में काम दिलाने की बात कही थी।
बेहतर कमाई की उम्मीद में दोनों मजदूर 28 सितंबर को अपने घर से निकले थे। हालांकि, आरोप है कि उन्हें नागपुर ले जाने के बजाय तमिलनाडु पहुंचा दिया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है।
बोरवेल के काम के साथ गाय-बकरियां चराने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, तमिलनाडु में दोनों मजदूरों से बोरवेल से संबंधित काम कराने के साथ गाय-बकरियां चराने का काम भी लिया जा रहा है। आरोप है कि मजदूरों को छोड़ने के बदले परिजनों से पैसों की मांग की गई थी। डर के चलते परिजनों ने 16 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए, लेकिन रकम मिलने के बाद भी दोनों मजदूरों को नहीं छोड़ा गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पैसे देने के बाद उन्हें दोबारा धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग काफी परेशान हैं और उन्हें दोनों मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है।
कलेक्टर, एसपी और पुलिस से लगाई मदद की गुहार
मजदूर राकेश खत्री की पत्नी पद्मा बाई और संपत चतुर्वेदी की पत्नी कौशल्या चतुर्वेदी ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और बालोद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर दोनों मजदूरों को तमिलनाडु से सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, दोनों मजदूर तमिलनाडु में कहां हैं और किन परिस्थितियों में हैं, इसकी पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस नौकरी के नाम पर दूसरे राज्य ले जाने, बंधक बनाने और परिजनों से पैसे मांगने के आरोपों की जांच कर रही है। अब परिजनों को दोनों मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।



