रायपुर, 1 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे साकार करने में छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध संसाधनों, गौरवशाली संस्कृति और अपार संभावनाओं वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार का उल्लेख किया।

अटल जी ने छत्तीसगढ़ निर्माण का सपना साकार किया : डॉ. मांडविया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को नई पहचान देने और विकास की संभावनाओं को साकार करने के उद्देश्य से किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकास के नए रास्ते पर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, समृद्ध लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और लोगों की कर्मठता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं।

डॉ. मांडविया ने कहा कि एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद के कारण होती थी, लेकिन आज वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा में सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजना भी आवश्यक है। जब देश के सभी राज्य अपनी विशिष्ट क्षमताओं और संसाधनों के आधार पर विकसित होंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा।

अटल जी ने निभाया छत्तीसगढ़ निर्माण का वादा : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को याद करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ की जनता से अलग राज्य बनाने का वादा किया था। प्रदेशवासियों ने उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया और उन्होंने 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान कर अपना वादा पूरा किया।

उन्होंने कहा कि अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य गठन के समय सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनेक चुनौतियां थीं। बीते वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर गरीब परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान की।

नक्सलवाद से निकलकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद नक्सलवाद के कारण बस्तर के अनेक क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से आज बस्तर नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता शांति और विकास चाहती है। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर के दूरस्थ से दूरस्थ गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।

मोदी की गारंटी पूरी कर रही सरकार, योजनाओं से बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का अभियान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर उनसे किया गया वादा भी पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है। इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंच रही राशि से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में दर्शन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और यहां के जनजीवन में प्रभु श्रीराम के प्रति गहरी आस्था है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में अपार उत्साह है।

उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के श्रद्धालुओं को भी इस पवित्र तीर्थयात्रा का अवसर मिले।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 21 हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज शासकीय और निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। यह प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर मिलें।

लोकसंस्कृति और पर्यटन के विकास पर भी जोर

समारोह को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और ऐतिहासिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पंडवानी, पंथी और ददरिया जैसी लोककलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश की लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण की शुरुआत की गई है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाएं और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों में देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, विभिन्न निगमों, मंडलों एवं आयोगों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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