रायपुर,4 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को और अधिक मजबूत बनाने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘निर्माण मंथन’ का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने 4 नवंबर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेशभर से पहुंचे अभियंताओं को संबोधित किया। एक दिवसीय कार्यशाला में सड़क, पुल एवं भवन निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और सड़कों के रखरखाव से जुड़े तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के विशेषज्ञों और वरिष्ठ अभियंताओं ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और नवाचार को लेकर जानकारी साझा की। इसमें मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और उप अभियंता तक शामिल हुए।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के शिल्पकार हैं अभियंता : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के शिल्पकार हैं। अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं सक्रियता से निर्वहन करते हुए प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूत बनाना है। लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का ग्रोथ इंजन है। राज्य निर्माण के बाद पिछले 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ में आए बड़े बदलाव में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब प्रदेश में विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण है। अभियंताओं को अपनी क्षमता, दक्षता और काबिलियत का उपयोग करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।

श्री साव ने कहा कि बदलते समय के अनुसार नई तकनीकों और आधुनिक मशीनरी को अपनाएं। अपनी कार्यप्रणाली को अपडेट और अपग्रेड करें। विभाग के कार्यों से सभी की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। खराब या त्रुटिपूर्ण निर्माण से पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है। इसलिए पुराने पैटर्न पर निर्भर रहने के बजाय अपने विवेक और मौलिकता से बेहतर कार्य करें।

उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों एवं मापदंडों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियंता कार्यालय से लेकर फील्ड तक सक्रियता दिखाएं और अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्टता के साथ निर्वहन करें।

फील्ड और फाइल दोनों के कार्य रखें दुरुस्त

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने कहा कि निर्माण कार्यों को सकारात्मक सोच और टीमवर्क के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। अधिकारियों को अनुशासित रहकर स्वप्रेरणा से काम करना होगा। कार्यशाला में सीखी गई तकनीकी जानकारियों को अपने कार्यों और फील्ड में लागू करें।

उन्होंने अभियंताओं को सड़कों, पुलों और भवनों के उत्कृष्ट एवं आइकॉनिक निर्माण कार्यों का अध्ययन करने तथा एक्सपोजर विजिट के माध्यम से नई तकनीकों को सीखने की सलाह दी। उन्होंने नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाकर धरातल पर उतारने तथा ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

श्री बंसल ने कहा कि अधोसंरचना विकास में लोक निर्माण विभाग की अहम भूमिका है। नए निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। सड़कों पर सुरक्षित आवागमन और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स को दूर करने पर गंभीरता से काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड और फाइल दोनों के कार्य व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की कड़ाई से करें जांच

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने अभियंताओं को निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर अधिकारियों का प्रभावी नियंत्रण होना जरूरी है। निर्माण सामग्री और तैयार निर्माण की गुणवत्ता का कड़ाई से परीक्षण करने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाना चाहिए।

उन्होंने अभियंताओं से कहा कि केवल कंसल्टेंट और एजेंसियों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं भी निर्माण कार्यों की जांच करें और इंजीनियरिंग तकनीकों एवं निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़कों की मजबूती के लिए फ्लाई-ऐश के उचित उपयोग की जानकारी भी दी।

सड़क, पुल और भवन निर्माण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

लोक निर्माण विभाग की राज्य स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला में निर्माण कार्यों की प्रारंभिक तैयारी से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण और रखरखाव तक के तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।

अभियंताओं को प्रमुख रूप से इन विषयों की जानकारी दी गई:

  • रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट और व्हाइट टॉप कंक्रीट सड़क निर्माण तकनीक।
  • फ्लेक्सिबल पेवमेंट और सड़क निर्माण की गुणवत्ता।
  • पुल निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण।
  • भवन निर्माण और भवनों का रखरखाव।
  • सर्वेक्षण एवं प्राक्कलन तैयार करने की प्रक्रिया।
  • निविदा दस्तावेजों और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी।
  • WAMIS और GePNIC प्रणाली तथा पंजीयन प्रक्रिया।

विशेषज्ञों और वरिष्ठ अभियंताओं ने दिया प्रशिक्षण

कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी ने पुल निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण की जानकारी दी। कार्यपालन अभियंता श्री पी.के. गुप्ता ने सर्वेक्षण एवं प्राक्कलन का प्रशिक्षण दिया।

अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव ने निविदा दस्तावेजों की प्रक्रिया समझाई। वहीं छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम (CGRIDCL) के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय ने वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), गवर्नमेंट ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम ऑफ नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (GePNIC) और पंजीयन प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

कार्यशाला का उद्देश्य विभागीय अभियंताओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता, नवाचार और समयबद्धता को मजबूत करना है।

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