छत्तीसगढ़ की जेलों में निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, पीडब्ल्यूडी सचिव ने की समीक्षा बैठक
रायपुर,24 जुलाई 2026
लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने शुक्रवार को प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं।
निर्माण भवन स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में आयोजित बैठक में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी मौजूद रहे। वहीं, विभिन्न जिलों के कार्यपालन अभियंता, जेल अधीक्षक और ठेकेदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान बैरकों, बाउंड्रीवॉल, शौचालयों और वॉच टॉवर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की कड़ी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदारों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के लिए कहा।
मुकेश कुमार बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जेल परिसर में निर्माण सामग्री के परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल अधीक्षकों से श्रमिकों को प्रतिदिन पर्याप्त समय तक कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा।
बैठक में महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि प्रदेश की कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। ऐसे में नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से जेलों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया।
इन निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में रायपुर केंद्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों के लिए शेड और शौचालय निर्माण की समीक्षा की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता वाले विशेष जेल, धमतरी और गरियाबंद जिला जेल की बाउंड्रीवॉल, जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद और सारंगढ़ उप जेल में बैरक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।
इसके साथ ही कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने, अंबिकापुर और जगदलपुर केंद्रीय जेल में बैरक एवं शौचालय निर्माण, दंतेवाड़ा जिला जेल में शौचालय निर्माण, सुकमा जिला जेल में कंसर्टीना वायर फेंसिंग एवं वॉच टॉवर निर्माण, तथा बीजापुर उप जेल में वॉच टॉवर निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



