रायपुर,24 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकल्प का स्वागत करते हुए इसे अभूतपूर्व पहल बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश का हवाला देते हुए कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। इस तरह की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को मानसिक पीड़ा होती है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीने में सरकार ने मामले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वहीं सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो और समय पर परीक्षाएं आयोजित की जा सकें।
उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को परीक्षाओं के परिणाम भी जारी कर दिए गए हैं और देशभर से सफल विद्यार्थियों की सकारात्मक खबरें सामने आई हैं। हालांकि सरकार केवल इतनी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागों ने मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है, जिस पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी। प्रस्ताव में फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था के साथ दोषियों के लिए कड़ी सजा का भी प्रावधान शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों का विश्वास कायम रखना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।



