गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 18 जून 2026
।छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर उभर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम पंडरी में हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।
मिशन के सात वर्ष पूरे होने के साथ ही आदिवासी बहुल इस गांव के लोगों को वर्षों पुरानी पानी की समस्या से राहत मिली है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों में भी योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
घंटों की मशक्कत से मिली मुक्ति
पहले गांव की महिलाओं और बच्चों को दूरस्थ एवं पथरीले जलस्रोतों से पानी लाने के लिए घंटों मेहनत करनी पड़ती थी। गर्मियों में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है और लोगों को अपने आंगन में ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
महिला सशक्तिकरण और बेहतर स्वास्थ्य
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि घर पर पानी मिलने से समय की बचत हो रही है, जिसे वे परिवार की देखभाल और अन्य आर्थिक गतिविधियों में लगा रही हैं। वहीं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
शिक्षा और विकास को मिली गति
पानी लाने में लगने वाला समय बचने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण परिवारों का जीवन अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बना है, जिससे गांव के समग्र विकास को नई दिशा मिली है।
जनभागीदारी से मिली सफलता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों और ग्राम पंचायतों के संयुक्त प्रयासों से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के रखरखाव में ग्रामीणों की भागीदारी भी बढ़ी है।
आज ग्राम पंडरी में घर-घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सुशासन, बेहतर स्वास्थ्य और समग्र ग्रामीण विकास की नई पहचान बन चुका है।


