रायपुर,7 नवम्बर 2026
दीपावली से पहले धनतेरस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, रायगढ़, जगदलपुर और प्रदेश के दूसरे शहरों तक सुबह से देर रात तक खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। सोना-चांदी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन और घरेलू सामान की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। व्यापारिक संगठनों के शुरुआती आकलन के मुताबिक प्रदेशभर में करीब 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड खरीदारी, 1.50 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री
धनतेरस पर सबसे ज्यादा रौनक ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिली। वाहन खरीदने की परंपरा और त्योहार के शुभ मुहूर्त के चलते लोगों ने पहले से ही कार और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा रखी थी। कारोबारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में करीब 1.30 लाख दोपहिया वाहन और 10 हजार से अधिक कारों की बिक्री हुई। इसके अलावा ट्रैक्टर, कमर्शियल वाहन, जेसीबी और तीनपहिया वाहनों की भी अच्छी मांग रही। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर वाहनों की कुल बिक्री का आंकड़ा डेढ़ लाख से अधिक बताया गया है।
राजधानी रायपुर में रायपुर डीलर्स ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (राडा) के अनुसार करीब 12 हजार दोपहिया और 3 हजार कारों की बिक्री हुई। वाहनों की डिलीवरी के लिए शोरूम में विशेष इंतजाम किए गए थे। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों और डीलरों ने एक्सचेंज बोनस, कैश डिस्काउंट और आसान फाइनेंस की सुविधाएं भी दीं।
रायपुर में करीब 2,500 करोड़ का कारोबार
प्रदेश की राजधानी रायपुर धनतेरस की खरीदारी का सबसे बड़ा केंद्र रही। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स और कैट से जुड़े कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक रायपुर में करीब 2,500 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। सदर बाजार, गोलबाजार, मालवीय रोड, शास्त्री बाजार, पंडरी और एमजी रोड सहित प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में देर रात तक ग्राहकों की भीड़ बनी रही।
सराफा बाजार, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में विशेष उत्साह देखने को मिला। भारी भीड़ के कारण कई इलाकों में यातायात और पार्किंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
सोना-चांदी की कीमतें ज्यादा, फिर भी खरीदारी में कमी नहीं
सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद धनतेरस पर सराफा बाजार में अच्छी खरीदारी हुई। ग्राहकों ने अपने बजट के अनुसार हल्के आभूषण, सोने-चांदी के सिक्के और छोटी ज्वेलरी को प्राथमिकता दी।
चांदी के सिक्कों के साथ अष्टलक्ष्मी लोटा, श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और चांदी के कछुए जैसे शुभ प्रतीकों की मांग रही। कारोबारी आकलन के अनुसार प्रदेश में सोना-चांदी का कारोबार करीब 2,500 करोड़ रुपये से अधिक रहा। अकेले रायपुर में सराफा कारोबार का आंकड़ा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बाजार में भी जमकर बरसा पैसा
धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बाजार में भी ग्राहकों का उत्साह दिखाई दिया। एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप और स्मार्टफोन की जमकर बिक्री हुई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों ने भी महंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदे।
कारोबारियों के शुरुआती अनुमान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल सेक्टर में प्रदेशभर में करीब 1,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और आसान किस्तों की सुविधाओं ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए आकर्षित किया।
बिलासपुर में 400 करोड़ का कारोबार, सराफा बाजार में भी रिकॉर्ड मांग
बिलासपुर में भी धनतेरस पर बाजारों में जबरदस्त रौनक रही। शहर में करीब 400 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया। सराफा बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों और सिक्कों की अच्छी बिक्री हुई। यहां करीब 100 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के कारोबार का अनुमान है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1,800 दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग और डिलीवरी हुई। सदर बाजार, गोलबाजार और अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में देर रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
बर्तन, कपड़े, फर्नीचर और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से बर्तन खरीदने की परंपरा का असर बाजारों में साफ दिखाई दिया। स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों के साथ डिनर सेट और आधुनिक किचन उपकरणों की मांग रही। कपड़ा बाजार में साड़ी, सूट, रेडीमेड कपड़ों और शादी के सीजन से जुड़े परिधानों की अच्छी बिक्री हुई।
इसके अलावा फर्नीचर, मिठाई, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामान और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। व्यापारियों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और उपहार योजनाएं भी रखी थीं।
रियल एस्टेट में अपेक्षाकृत धीमी रही रफ्तार
जहां सराफा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी हुई, वहीं रियल एस्टेट कारोबार अपेक्षाकृत धीमा रहा। बाजार में जारी मंदी के कारण प्लॉट और अन्य संपत्तियों की खरीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कारोबारी आकलन में इस क्षेत्र का कारोबार अन्य प्रमुख सेक्टरों की तुलना में सीमित बताया गया।
त्योहार ने कारोबारियों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान
कुल मिलाकर धनतेरस छत्तीसगढ़ के व्यापारिक जगत के लिए उत्साह लेकर आया। प्रदेशभर में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार के शुरुआती अनुमान और डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री ने बाजारों में नई रौनक ला दी। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, रायगढ़ और जगदलपुर समेत छोटे-बड़े शहरों में देर रात तक खरीदारी जारी रही। अब व्यापारियों की निगाहें दीपावली तक जारी रहने वाले त्योहारी कारोबार पर टिकी हैं।



