रायपुर, 3 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जनगणना 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए जनगणना कार्य में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण से यथासंभव बचने को कहा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 2 नवंबर को इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया है।

जारी निर्देशों के मुताबिक, जनगणना कार्य में लगाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों का आगामी छह महीने तक या जनगणना का काम पूरा होने तक, जो भी पहले हो, तबादला नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, आदेश में स्थानांतरण से यथासंभव बचने की बात कही गई है।

इन अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों से बचने के निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षक सहित जनगणना कार्य में नियुक्त अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण से बचने को कहा गया है।

इसके अलावा जिन कर्मचारियों का जनगणना संबंधी प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, उनके तबादले भी यथासंभव नहीं किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि जनगणना के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित कर्मचारियों का स्थानांतरण होने पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति और उन्हें दोबारा प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे जनगणना का महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी जनसंख्या गणना

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का काम 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण की प्रक्रिया चलेगी।

इस दौरान छूटे हुए लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी और आंकड़ों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

वहीं, नागरिकों को 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा मिलेगी। इसके तहत लोग स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी एकत्र करेंगे और ऑनलाइन दर्ज विवरण का सत्यापन भी करेंगे।

पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना

जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े जुटाएंगे। नागरिकों को भी ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) विकसित की गई है। इस बार जनगणना में जातिगत जानकारी भी एकत्र की जाएगी। केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को जनगणना 2027 में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया था।

जनगणना की प्रश्नावली में कुल 40 सवालों के माध्यम से व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी जुटाई जाएगी।

छत्तीसगढ़ में शुरू हुई प्रशिक्षण की प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 12 अक्टूबर 2026 से जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स, 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय-सीमा में जनगणना का कार्य पूरा किया जा सके।

जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस अभियान में देशभर में करीब 30 लाख कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की भागीदारी का अनुमान है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि जनगणना का काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो। इसी को ध्यान में रखते हुए जनगणना ड्यूटी में तैनात और प्रशिक्षित अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों से बचने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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