रायपुर, 3 नवंबर 2026
केंद्र सरकार की पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की युवा मोनिका बघेल को 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। भारत सरकार की ओर से यह राशि सीधे मोनिका के बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने उन्हें प्रतीकात्मक डेमो चेक भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कोविड प्रभावित बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल
गौरतलब है कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को की गई थी। इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करना है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक को खो दिया था।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे के नाम पर 10 लाख रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया जाता है। इसके अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 23 वर्ष की उम्र तक प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की पूरी राशि एकमुश्त दी जाती है, जिससे युवा अपने भविष्य को सुरक्षित बनाकर आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत कर सकें।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा की भी व्यवस्था
इस योजना में बच्चों के समग्र विकास और बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
इसके अलावा बच्चों की स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए भी वित्तीय एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य कोविड महामारी से प्रभावित बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उन्हें शिक्षा और बेहतर अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मोनिका बघेल के संरक्षक भी विशेष रूप से शामिल हुए।



