रायपुर, 28 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण और 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार करना है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रेमनगर में डोम, इंडोर स्टेडियम और सड़क निर्माण की घोषणा

मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि देने की घोषणा की। इसमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर बीटी सड़क निर्माण के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद भी व्यक्त किया।

जल संरक्षण अभियान में सूरजपुर प्रदेश में प्रथम, देश में चौथे स्थान पर

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सूरजपुर प्रदेश में प्रथम और देश में चौथे स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र, गिरते भूजल स्तर और पेयजल की बढ़ती जरूरतों के बीच जल संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल स्तर में सुधार लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों की आय और सिंचाई सुविधाओं पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्रों को भी स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने कहा कि खेती को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार के प्रमुख संकल्पों में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में बढ़ता आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती योजनाओं की सार्थकता को दर्शाते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को पक्के आवास सहित अन्य सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

बस्तर में शांति और विकास को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बना है। जिन क्षेत्रों में पहले विकास कार्यों में बाधाएं आती थीं, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका से जुड़े अवसरों का विस्तार हो रहा है।

उन्होंने बस्तर और सरगुजा के वनांचलों में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सेवा सेतु से सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जबकि सेवा सेतु के जरिए विभिन्न शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अंजोर विजन 2047 तैयार किया है। इसके अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है।

मंत्री रामविचार नेताम और लक्ष्मी राजवाड़े ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं, किसानों, गरीब परिवारों और जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है।

कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, भरत सिंह सिसोदिया, विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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