विशेष लेख: विष्णु भैया के नेतृत्व में आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़ : महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है। महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी, महतारी सदन, रानी दुर्गावती योजना और स्वरोजगार से जुड़ी पहलों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, 67.20 लाख महिलाओं को मिले 630.55 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए 67.20 लाख पात्र महिलाओं के खातों में 630.55 करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए। योजना के तहत अब तक 19,444.33 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
महतारी वंदन योजना पर विपक्ष के सवाल, सरकार का जवाब: E-KYC, मृत्यु और अपात्रता से हटे 1.55 लाख नाम
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नाम हटाने की वजहें बताईं, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाते हुए वॉकआउट किया।
CM विष्णुदेव साय ने ‘दीदी के गोठ’ की तारीफ में कही बड़ी बात: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बन चुका है मजबूत मंच
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'दीदी के गोठ' वार्षिकोत्सव-2026 में कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वरोजगार की प्रेरणा देने का सशक्त माध्यम बन गया है। इस अवसर पर उन्होंने कॉफी टेबल बुक, 'बिहान वाणी' पत्रिका और 'मोर गांव मोर पानी' पुस्तक का विमोचन किया।
PM मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ नंबर-1: सिर्फ 9 दिन में पूरा किया 72% लक्ष्य
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजीयन और प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण दोनों में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने महज 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब सीधे मिलेगी यूनिफॉर्म राशि, केंद्रीकृत साड़ी खरीदी व्यवस्था खत्म
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अब यूनिफॉर्म के लिए निर्धारित राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत व्यवस्था समाप्त करते हुए इसे सुशासन, पारदर्शिता और हितग्राही सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।



