रायपुर, 1 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना करने वाला छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना, पर्यटन और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर में टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़: विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी विकसित राज्य बनने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट के तहत 10 प्रमुख मिशन निर्धारित किए गए हैं।
प्राकृतिक संसाधन और मानव शक्ति छत्तीसगढ़ की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से भरपूर राज्य है। प्रदेश का करीब 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां लोहा, बॉक्साइट, लिथियम, सोना सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज संसाधन मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य भी है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ प्रदेश की मेहनतकश मानव शक्ति सबसे बड़ी ताकत है। इन क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुरक्षा और विकास की रणनीति से बदली बस्तर की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा बना रहा। वर्ष 2023 में राज्य में सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने समन्वय के साथ नई रणनीति पर काम शुरू किया। पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को निर्णायक गति मिली।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी। नक्सली स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और संचार सुविधाओं का विरोध करते थे, जिसके कारण दूरस्थ क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से कटे रहे।
‘नियद नेल्लानार’ से गांवों तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी शांति के लिए बस्तर के हर गांव और हर परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना जरूरी है। इसी सोच के साथ ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई। गोंडी भाषा में इसका अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है।
योजना के माध्यम से दूरस्थ और संवेदनशील गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्र में 421 से अधिक स्कूल खोले गए हैं और दूरसंचार नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। विकास को और गति देने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जबकि करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। वहीं ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में पहुंचकर लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है।
बस्तर में रोजगार और पर्यटन के खुल रहे नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के साथ रोजगार, आजीविका और पर्यटन के नए अवसर भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ समझौता किया गया है। बकरी पालन और मत्स्य पालन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। बस्तर के धुड़मारास गांव को दुनिया के श्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है। पर्यटक होम-स्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय जीवन और संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।
सरकार होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ऋण और अनुदान की सुविधा दे रही है। पर्यटन को स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है।
नक्सलवाद की समाप्ति के बाद खाली हो रहे करीब 70 सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
हिंसा छोड़कर लौटने वालों के लिए पुनर्वास के द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की रणनीति केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए बेहतर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हिंसा की जगह संवाद और पुनर्वास को प्राथमिकता दी है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना है।
युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
प्रदेश में IIT, IIM और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी संचालित हो रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में यूथ हॉस्टल के माध्यम से युवाओं को UPSC की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना है। एक हजार युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
किसान परिवार से मिली मेहनत और जिम्मेदारी की सीख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी जीवनयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और खेती उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। दस वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार के बड़े बेटे के रूप में उन्हें कम उम्र में ही जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं।
उन्होंने कहा कि बचपन से खेती करते हुए उन्होंने परिश्रम, धैर्य और जिम्मेदारी का महत्व सीखा। राजनीति में आने की उनकी कोई पूर्व योजना नहीं थी। गांव के लोगों के आग्रह पर पहली बार वार्ड पंच का चुनाव लड़कर उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
पांच वर्ष तक पंच के रूप में कार्य करने के बाद गांववासियों ने उन्हें निर्विरोध सरपंच चुना। इसके बाद वर्ष 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने। अविभाजित मध्यप्रदेश में दो बार विधायक और रायगढ़ से चार बार सांसद के रूप में जनता की सेवा की।
2047 तक विकसित भारत में निभाएगा अहम भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के सामने संभावनाओं का नया आकाश है। नक्सलवाद की बाधा दूर होने के साथ बस्तर सहित पूरा प्रदेश विकास की नई गति पकड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ अपनी सशक्त भूमिका निभाएगा।



