रायपुर, 22 अगस्त 2026
जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में शनिवार को एक नया और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण के लिए विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था और वैकल्पिक विवाद समाधान से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ और लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधिपति के साथ न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, श्री विभु दत्त गुरु और श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने नए न्यायालय भवन की आवश्यकता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर विकसित करने की परिकल्पना पर प्रकाश डाला।
नए न्यायालय भवन से बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण के लिए विधिवत भूमिपूजन किया। प्रस्तावित भवन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और न्यायार्थियों को बेहतर, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसे दुर्ग जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता पर तैयार पुस्तक ‘संधि सेतु’ का मुख्य न्यायाधिपति ने विमोचन किया। पुस्तक का उद्देश्य संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान करने की अवधारणा को मजबूत करना है।
यह पहल न्याय को केवल अदालतों तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच सौहार्दपूर्ण और विवाद-मुक्त वातावरण विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित करती है।
डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित कई डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ और वीडियो प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—
- Cashless Fine Payment Facility
- AFR Mobile Application (Android)
- Court Fee Ticket Generation System
शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी, सुलभ और तकनीक-सक्षम बनाना है, ताकि नागरिकों और न्यायिक हितधारकों को न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में अधिक सुविधा मिल सके।
न्याय को जनसामान्य के और करीब लाने पर जोर
अपने मुख्य उद्बोधन में मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नए न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार न्यायिक संस्थानों को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों और सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।
बड़ी संख्या में अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, जिला न्यायपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का ने आभार प्रदर्शन किया। वहीं, जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग और जिले से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों ने भी मुख्य न्यायाधिपति का आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया।
नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, ‘संधि सेतु’ का विमोचन और डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ—ये तीनों पहल दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई हैं।



