नक्सल भय का अंत, अबूझमाड़ में फिर जीवंत हुई ‘घोटुल’ की गौरवशाली परंपरा
नक्सल प्रभाव में कमी और बेहतर सुरक्षा माहौल के बीच अबूझमाड़ में घोटुल की पारंपरिक संस्कृति फिर जीवंत होने लगी है। अंदरूनी गांवों में ग्रामीण प्राकृतिक सामग्रियों से घोटुल तैयार कर रहे हैं, जहां युवा लोकगीत, नृत्य, संगीत, सामाजिक अनुशासन और परंपराएं सीख रहे हैं।
बस्तर पंडुम का देशभर में डंका: राष्ट्रपति ने किया विशेष सम्मान, CM साय ने भेंट की 300 साल पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय बस्तर प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में विशेष सम्मान हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं अतिथियों को भोजन परोसकर सम्मानित किया और भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा जताई।
जनजातीय गौरव को सहेजते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
Excerpt: गरियाबंद जिले के दर्रापारा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर जोर देते हुए भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपये की अतिरिक्त



