रायपुर, 13 सितंबर 2026
शहरी गरीबों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगरीय निकायों में रहने वाले परिवारों के हित में राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दिया है।
सरकार के इस फैसले से विगत 9 वर्षों से शहरों में निवासरत पात्र परिवारों को भी अब योजना का लाभ मिल सकेगा। यह निर्णय हजारों शहरी परिवारों के लिए पक्के घर का नया अवसर लेकर आया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नई कट-ऑफ तिथि निर्धारित करते हुए आदेश जारी कर दिया है।
हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा पक्का आवास
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि पूर्व में निर्धारित 31 अगस्त 2015 की तिथि में संशोधन किया गया है। इससे राज्य के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत अधिक पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 का लाभ ले सकेंगे।
यह निर्णय शहरी क्षेत्रों की बदलती आवश्यकताओं, बढ़ती आबादी तथा गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इससे किराये के आवासों, अस्थायी बस्तियों या अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में रहने वाले पात्र परिवारों को सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
एएचपी परियोजनाओं में बसाहट को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निर्मित अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) परियोजनाओं में पात्र हितग्राहियों का चयन और आवास आबंटन अब अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
विस्तारित कट-ऑफ तिथि से हितग्राहियों का आधार व्यापक होगा, जिससे अधिक परिवारों को योजनाबद्ध आवासीय परिसरों में बसाया जा सकेगा। इन परिसरों में पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता, सामुदायिक भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
36,969 आवास स्वीकृत, 29,267 पूर्ण
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के AHP घटक के तहत अब तक 36 हजार 969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29 हजार 267 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जो कुल स्वीकृत आवासों का लगभग 79 प्रतिशत है।
वहीं, शेष 7,702 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है। यह प्रगति राज्य सरकार की गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और हितग्राही-केंद्रित आवास निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
30 हजार से अधिक परिवारों को आवास आबंटित
राज्य में AHP के अंतर्गत निर्मित एवं उपलब्ध आवासों में से अब तक 30 हजार 438 आवासों का आबंटन किया जा चुका है। इनमें से 21 हजार 923 परिवार अपने पक्के आवासों में निवास प्रारंभ कर चुके हैं।
इन परिवारों के लिए पक्का आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, सामाजिक सम्मान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और परिवार के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
निकायों को 15 दिनों में कार्रवाई के निर्देश
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधानों के अनुसार पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन, दस्तावेज सत्यापन और आवास आबंटन की कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को संशोधित आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों में आवास से वंचित पात्र परिवारों को AHP आवास का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नगरीय निकाय में जाकर नवीन पात्रता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें और नियमानुसार AHP आवास का आबंटन प्राप्त करें।
केंद्र और राज्य सरकार से मिल रहा अनुदान
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के AHP घटक के तहत स्लम में निवासरत शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के व्यवस्थापन के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपये और राज्य शासन द्वारा 2.50 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।
हितग्राहियों को अपना अंशदान केवल 75 हजार रुपये प्रति आवास आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है।
इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में किराये के मकानों में रहने वाले कमजोर आय वर्ग के पात्र परिवारों को स्वयं का पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपये प्रति आवास का अनुदान दिया जाता है। राज्य शासन द्वारा आवास निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना में हितग्राहियों को 3.25 लाख रुपये का अंशदान आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा है। हितग्राहियों को अंशदान जमा करने में सहूलियत के लिए नगरीय निकायों के माध्यम से लगातार लोन मेले भी आयोजित किए जा रहे हैं।
CM साय बोले- हर गरीब परिवार को मिलेगा सम्मानजनक आवास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में हितग्राही चयन की कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2024 तक बढ़ाने से शहरी क्षेत्रों के अधिक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार पक्के आवास के लाभ से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को साकार करते हुए राज्य सरकार हर गरीब परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
अरुण साव बोले- हितग्राही चयन और बसाहट को मिलेगी नई गति
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार ने शहरी गरीबों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में हितग्राही चयन की कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2024 निर्धारित की है।
उन्होंने कहा कि इससे अधिक पात्र परिवारों को पक्के आवास का अवसर मिलेगा और AHP परियोजनाओं में हितग्राही चयन एवं योजनाबद्ध बसाहट को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास से जोड़ना है।



