विशेष लेख: ‘सेवा संकल्प अभियान’ से बदल रहा बस्तर, शिक्षा और अवसरों से युवा गढ़ रहे नई पहचान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बस्तर में उच्च शिक्षा, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम और आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU योजना के तहत 100 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है।
बस्तर के डोंगाघाट में बाढ़ में फंसे 18 लोगों का एयरलिफ्ट रेस्क्यू, वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया
बस्तर के डोंगाघाट में बाढ़ में फंसे 18 लोगों को भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया। कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ।
बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, CM साय ने कलेक्टरों को दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को राहत-बचाव कार्य तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी: मुख्यमंत्री साय
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
बस्तर में ‘अर्नब’ तूफान का असर, मूसलाधार बारिश से बाढ़; दर्जनों लोगों का रेस्क्यू, 9 राहत शिविरों में 350 से ज्यादा प्रभावित
बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने दर्जनों लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है, जबकि 9 राहत शिविरों में 350 से अधिक प्रभावितों को आश्रय दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज, बस्तर-नारायणपुर में झमाझम बारिश
छत्तीसगढ़ में 25 सितंबर तक 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। बलरामपुर में 169.4% और नारायणपुर में 1600.4 मिमी बारिश हुई, जबकि बस्तर में बीते 24 घंटे में 188.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, बस्तर के कई इलाके जलमग्न; नदियां उफान पर, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से लगातार बारिश के कारण बस्तर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इंद्रावती और महानदी का जलस्तर बढ़ा है, जबकि कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है।
बदलते बस्तर की तस्वीर: पर्यटन से विकास की नई राह प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा विस्तार
बस्तर में पर्यटन, होमस्टे, इको-टूरिज्म और जनजातीय संस्कृति के विस्तार से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
संतान प्राप्ति की मनोकामना से जुड़ी मां लिंगेश्वरी के पट खुले, उमड़ा आस्था का सैलाब
कोण्डागांव के आलोर-झाटीबन पहाड़ों में स्थित मां लिंगेश्वरी देवी की गुफा के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 50 हजार से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान, अब तक 996.5 मिमी बारिश; बलरामपुर में सबसे ज्यादा तो कांकेर में सबसे कम
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 19 सितंबर तक 996.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बलरामपुर में 169.7 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक और कांकेर में 67 प्रतिशत के साथ सबसे कम वर्षा रिकॉर्ड की गई।



