रायपुर, 11 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को नवरात्रि से पहले बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना का आधार ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल कर दिया है। इस निर्णय से पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग ₹51.09 करोड़ की बोनस राशि मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश के गन्ना किसानों को इस निर्णय पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बोनस की बढ़ी हुई राशि किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की बेहतर तैयारी में मदद करेगी। इससे प्रदेश में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा।

₹425 के आधार पर होगी बोनस की गणना

पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी ₹329.05 प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार ₹425 में से एफआरपी घटाने पर किसानों को ₹95.95 प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।

चार शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को मिलेगा लाभ

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा के 14,961 किसानों को लगभग ₹24.55 करोड़ की बोनस राशि मिलेगी।

वहीं सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को लगभग ₹11.68 करोड़ का बोनस मिलेगा।

इसी तरह महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग ₹11.35 करोड़ तथा दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद के 762 किसानों को लगभग ₹3.52 करोड़ की बोनस राशि प्राप्त होगी।

सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 31,022 गन्ना किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और गन्ना उत्पादन से जुड़े किसानों की आय तथा आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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