रायपुर, 20 अगस्त 2026
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यभार संभालने के अगले ही दिन मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नालंदा परिसर, अधोसंरचना विकास सहित अन्य विभागीय योजनाओं के निर्माणाधीन कार्यों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करना जरूरी है।
निगम आयुक्त और सीएमओ रोज करें वार्डों का भ्रमण
श्री बोरा ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को अपनी टीम के साथ प्रतिदिन वार्डों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर आयुक्तों, उपायुक्तों, जोन आयुक्तों और अन्य अधिकारियों के साथ मैदानी निरीक्षण कर विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में फोटोग्राफ साझा करने को भी कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की समीक्षा केवल कार्यालयों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नहीं होनी चाहिए। अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभों का आकलन करें।
प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत मिशन की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत और पूर्ण आवासों की घटकवार प्रगति की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
वहीं, अमृत मिशन के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति और आगामी चरणों की भी समीक्षा की गई। श्री बोरा ने कहा कि सभी निर्माण एवं विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए उन्हें समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
प्रमुख बाजारों की सफाई और कचरा पृथक्करण पर विशेष जोर
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान श्री बोरा ने कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगरीय निकायों में चार डस्टबिन व्यवस्था के व्यवस्थित क्रियान्वयन, कचरे के उचित संग्रहण और वैज्ञानिक प्रबंधन की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए और इसकी नियमित निगरानी की जाए। साथ ही, स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान और गतिविधियां संचालित की जाएं।
प्रमुख सचिव ने प्रमुख बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव, व्यवस्थित कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे एक नियमित और सतत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
38 नालंदा परिसरों का निर्माण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नालंदा परिसर-सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन योजना की समीक्षा करते हुए श्री बोरा ने विभिन्न नगरीय निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों का कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें, कंप्यूटर पैनल, लाइब्रेरियन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं, ताकि परिसर तैयार होते ही विद्यार्थियों को तत्काल लाइब्रेरी और अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS की शिकायतों का समय पर निराकरण
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्री बोरा ने अपने पूर्व कार्यकाल के अनुभव और नवाचारों को भी अधिकारियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास और नगरीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का पूरी निष्ठा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध कराई जाएं मूलभूत सुविधाएं
श्री बोरा ने रायपुर नगर निगम आयुक्त को शहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व के स्थलों का चिन्हांकन कर वहां शुद्ध पेयजल, सुगम शौचालय, डस्टबिन और पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शहरों में अर्बन फॉरेस्ट्री के विकास, सार्वजनिक उद्यानों के पुनरोद्धार और पीपीपी मॉडल के माध्यम से वित्तीय संसाधन जुटाने के विकल्प तलाशने को कहा। परिसीमन के बाद नगरीय निकायों में शामिल नए क्षेत्रों के लिए पेयजल, सफाई, शहरी हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता देते हुए योजनाएं तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रमुख सचिव ने पूर्व निर्मित हाउसिंग प्रोजेक्टों की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट तथा उपलब्ध भूमि पर व्यवहार्य वाणिज्यिक परियोजनाओं के नए विकल्प तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में आउट-ऑफ-द-बॉक्स सोच के साथ काम करने की अपील की।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल, रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, बिरगांव नगर निगम आयुक्त श्री युगल किशोर उर्वशा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



