नई दिल्ली,7 सितम्बर 2026
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 6 हो गया है। करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम की ओर से हादसे के आसपास मौजूद जर्जर और खतरनाक इमारतों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।
पड़ोसी इमारत को खतरनाक घोषित
MCD ने हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में स्थित मकान नंबर 13, सत्य निकेतन को खतरनाक घोषित करते हुए वहां नोटिस चस्पा किया है। यह कार्रवाई दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत की गई है।
नोटिस में इमारत की स्थिति को बेहद जर्जर और खतरनाक बताया गया है। निगम के मुताबिक, इसकी मौजूदा स्थिति से वहां रहने वाले लोगों और आसपास से गुजरने वालों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
3 दिन में इमारत गिराने का आदेश
MCD ने मकान मालिक को नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर खतरनाक इमारत को स्वयं ध्वस्त करने का आदेश दिया है। निगम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में मालिक ने कार्रवाई नहीं की तो MCD खुद इमारत को गिराएगी।
इमारत गिराने में आने वाला पूरा खर्च भी मकान मालिक से बकाया कर के रूप में वसूल किया जाएगा।
NDRF के स्निफर डॉग्स की मदद
घटनास्थल पर NDRF की विशेष टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है।
राहतकर्मी आधुनिक उपकरणों के जरिए मलबा हटाने के साथ-साथ संभावित स्थानों पर जिंदगी की तलाश कर रहे हैं।
दमकल, पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल सेवा, स्थानीय पुलिस और NDRF की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। राहत-बचाव अभियान के साथ ही एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्रति बेड 12 हजार रुपये किराया, सुरक्षा पर सवाल
हादसे ने छात्रों के लिए संचालित PG की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी राजन छेत्री के मुताबिक, हादसे वाली पांच मंजिला इमारत में करीब 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे।
बताया गया कि मकान मालिक प्रति छात्र 12 हजार रुपये प्रति बेड किराया वसूलता था। यहां केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए छात्र रह रहे थे, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े मोतीलाल नेहरू कॉलेज, ARSD कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे।
इतना किराया लिए जाने के बावजूद इमारत के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जर्जर इमारतों का होगा सुरक्षा ऑडिट
हादसे के बाद प्रशासन ने सत्य निकेतन और आसपास की पुरानी व बहुमंजिला इमारतों का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। MCD और स्थानीय प्रशासन ऐसी इमारतों की पहचान कर रहा है, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि घनी आबादी वाले स्टूडेंट हब में दोबारा ऐसी त्रासदी न हो। जांच में खतरनाक पाए जाने वाली इमारतों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।



