रायपुर,2 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां 13 वर्षीय कक्षा आठवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। घटना के बाद आरोपियों की धमकी और डर के कारण पीड़िता ने करीब एक महीने तक अपने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मामले का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है।
सहेली से मिलने गई थी बालिका
जानकारी के मुताबिक, घटना 25 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। पीड़िता अपनी सहेली से मिलने उसके घर गई थी। उस समय सहेली घर पर मौजूद नहीं थी, लेकिन उसका भाई और एक अन्य नाबालिग वहां मौजूद थे। आरोप है कि दोनों ने बालिका को अकेला पाकर उसे धमकाया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के बाद आरोपियों ने बालिका को किसी को भी इसके बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी डर के कारण पीड़िता ने पूरी घटना अपने परिजनों से छिपाए रखी।
मजदूरी करते हैं पीड़िता और आरोपियों के माता-पिता
बताया जा रहा है कि पीड़िता आठवीं कक्षा में पढ़ाई करती है। वहीं, घटना में शामिल एक आरोपी ने पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि दूसरा नौवीं कक्षा का छात्र है। सभी विधानसभा क्षेत्र की एक आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। आरोपियों का पीड़िता के घर आना-जाना भी था।
पीड़िता और दोनों आरोपियों के माता-पिता मजदूरी करते हैं। वे रोजाना सुबह काम पर निकल जाते हैं।
तबीयत बिगड़ने पर सामने आया मामला
घटना के बाद से बालिका डरी-सहमी रही और उसने किसी को कुछ नहीं बताया। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे चक्कर आने लगे। परिवार के लोगों ने जब उससे परेशानी का कारण पूछा, तब उसने आखिरकार अपनी मां को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने विधानसभा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की।
इसके बाद दोनों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया। मामले में पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



