रायपुर , 6 जून 2026


प्रदेश में 1 मई से शुरू हुए सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रशासन को जनता के करीब लाना था। हालांकि, अभियान के दौरान कई जगहों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई।

समाधान शिविरों और समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों ने सार्वजनिक मंचों से अधिकारियों को फटकार लगाई। कई मामलों में लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि कुछ को बैठकों से बाहर तक कर दिया गया।

अभियान के दौरान प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया, लेकिन दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों ने इसे केवल ‘रीलबाजी’ और दिखावटी गतिविधि करार दिया। उनका आरोप है कि जमीनी स्तर की समस्याओं के स्थायी समाधान के बजाय प्रचार-प्रसार पर अधिक ध्यान दिया गया।

सुशासन तिहार के जरिए सरकार जहां अपनी कार्यप्रणाली को जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, वहीं अभियान के दौरान सामने आई प्रशासनिक कमियां भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

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