रायपुर,6 सितम्बर 2026
झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा है।
बिलासपुर दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। उस समय केंद्र में UPA सरकार थी। उन्होंने कहा कि NIA ने मामले में लगातार सुनवाई की और 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें 10 से अधिक आरोपियों को सजा सुनाई गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 16 सितंबर को NIA कोर्ट सजा तय करेगा।
CM साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उनके पास झीरम घाटी मामले से जुड़े कोई साक्ष्य या सबूत थे, तो उन्हें जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सबूत अपनी जेब में लेकर घूमने से बेहतर था कि उन्हें NIA को दिया जाता।
भूपेश बघेल का प्रभार बदले जाने पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने पर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस संगठन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चलती है।
CM साय ने कहा कि भूपेश बघेल पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी थे, लेकिन वहां उनका विरोध हुआ। इसी वजह से उनका प्रभार बदलकर असम का कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को लेकर कांग्रेस संगठन पर राजनीतिक तंज कसा।



