रायपुर, 06 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले में 24 पोस्ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए कुल 77 करोड़ 86 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन नए छात्रावासों के निर्माण से विशेषकर दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर आवासीय-शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक रहने की सुविधा मिलने से उनकी पढ़ाई तक पहुंच आसान होगी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बनेंगे नए छात्रावास
स्वीकृत कार्यों में पोस्ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक और कन्या छात्रावास शामिल हैं। जशपुर में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
लोदाम एवं पैकू में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक, जबकि मनोरा एवं बगीचा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक स्वीकृत किए गए हैं। रौनी में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।
पतराटोली में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास तथा दुलदुला में बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक स्वीकृत किए गए हैं। दुलदुला एवं कुनकुरी क्रमांक-02 में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक की स्वीकृति दी गई है।
पंडरीपानी एवं तपकरा में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक, जबकि लवाकेरा, पंडरीपानी एवं दोकड़ा में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक स्वीकृत किए गए हैं। दोकड़ा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
कांसाबेल में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। बटईकेला में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए, कोतबा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा बागबहार एवं गाला में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक स्वीकृत किए गए हैं।
दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
नए छात्रावास भवनों के निर्माण से दूरस्थ गांवों से माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के लिए आने वाले आदिवासी विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास की सुविधा मिलेगी। छात्रावासों में आवास, अध्ययन और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
राज्य सरकार द्वारा जशपुर जिले में शिक्षा अधोसंरचना को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इन छात्रावास भवनों के निर्माण से आदिवासी विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय एवं शैक्षणिक वातावरण तैयार होने के साथ शिक्षा तक उनकी पहुंच और सुगम होगी।



