रायपुर,14 अगस्त 2026

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बीच रायपुर और नागपुर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) क्राइम ब्रांच की टीम ने DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) के साथ संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में तलाशी के दौरान 1.242 किलो सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ट्रेन के B-12 कोच की तलाशी के दौरान 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। मामले में महाराष्ट्र निवासी सुरेश कुमार और धैर्यशील को गिरफ्तार किया गया है।

छत्तीसगढ़ में 37 किलो सोना जब्त

छत्तीसगढ़ में विदेशी सोने की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2016 में रायपुर में DRI का जोनल कार्यालय शुरू होने के बाद से अब तक करीब 37 किलो सोना और 5 हजार किलो से अधिक चांदी जब्त की जा चुकी है। पिछले छह वर्षों में 25 से अधिक तस्करों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

बांग्लादेश-म्यांमार से छत्तीसगढ़ तक नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, तस्करी का सोना बांग्लादेश और म्यांमार से कोलकाता पहुंचता था। इसके बाद सड़क और रेल मार्ग के जरिए इसे छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता था।

छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव इस नेटवर्क के प्रमुख केंद्र बताए गए हैं। यहां से तस्करी का सोना मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक पहुंचाया जाता था।

सरगना से लेकर स्थानीय खरीदार तक पूरा नेटवर्क

DRI की जांच में सामने आया है कि तस्करी का नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था। इसमें सरगना, सप्लायर, पैडलर और स्थानीय खरीदार शामिल थे। पैडलर का काम तस्करी के माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना होता था।

गिरोह के सदस्य सोने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के जरिए भेजते थे, ताकि किसी एक व्यक्ति के पकड़े जाने पर पूरे नेटवर्क को नुकसान न पहुंचे।

बेल्ट, बैग और टिफिन में छिपाते थे सोना

जांच में तस्करों के अलग-अलग तरीकों का भी खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्कर सोने को बेल्ट, बैग, तकिए, टिफिन, कमरबंद और अंडरगारमेंट में छिपाकर ले जाते थे। तस्करी के लिए मुख्य रूप से रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था।

सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की तस्करी से सरकार को कस्टम ड्यूटी और GST के राजस्व का नुकसान होता है। तस्करी के जरिए लाया गया सोना बिना बिल और जरूरी दस्तावेजों के कम कीमत पर बेचा जाता है। इससे वैध सोना कारोबार भी प्रभावित होता है।

सूचना देने वालों को मिल सकता है इनाम

DRI ने तस्करी पर रोक लगाने के लिए अपने सूचना तंत्र को मजबूत किया है। विभाग के प्रावधानों के तहत तस्करी से संबंधित सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को जब्त माल की कीमत का 20 प्रतिशत तक इनाम दिया जा सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान भी है।

ED भी कर चुकी है कारोबारियों पर कार्रवाई

गोल्ड तस्करी के मामलों में DRI के अलावा ED (प्रवर्तन निदेशालय) भी छत्तीसगढ़ के कुछ कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। ED की जांच में दुबई से करीब 260 करोड़ रुपये का सोना छत्तीसगढ़ में खपाए जाने का इनपुट सामने आने की बात कही गई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, गोल्ड तस्करी सिंडिकेट से जुड़े छत्तीसगढ़ के कारोबारियों की अब तक 64 करोड़ 14 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं। मामले में ED की जांच जारी है।

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