रायपुर,26 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा नगर निगम क्षेत्रों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है। इन बसों के शुरू होने से नागरिकों को स्वच्छ, आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ योजना की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बसों के संचालन, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

शहरों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे रूट

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ई-बसों के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, महत्वपूर्ण संस्थानों और अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों से शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने को कहा गया है। प्रस्तावित रूटों का चरणबद्ध अध्ययन कर यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी रूट और बसों की पूरी जानकारी

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि नागरिकों को ई-बस सेवा से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। लोगों को यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि कितनी बसें संचालित हो रही हैं, बसें किन रूटों पर चलेंगी और उनके स्टॉपेज कौन-कौन से होंगे

इसके लिए व्यवस्थित रूप से रूट चार्ट और संबंधित विवरण तैयार कर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर

ई-बस सेवा के प्रभावी संचालन के लिए रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा।

चारों शहरों में उपलब्ध भूमि और संसाधनों का आकलन कर शहरवार प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। साथ ही भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता वाले डिपो और आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा पर भी चर्चा

बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक रूट और संचालन व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया।

तकनीक से होगी बसों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

इस व्यवस्था के माध्यम से बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

समय पर पूरे किए जाएंगे डिपो और चार्जिंग स्टेशन के काम

बैठक में डिपो, चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए स्थान चयन और भूमि संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण करने पर जोर दिया गया। डिपो और अन्य निर्माण कार्यों के लिए एनएचएआई, रेलवे और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियां और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ई-बसों का संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार कर ली जानी चाहिए। इसके साथ ही मानव संसाधन, संचालन मॉडल और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है।

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