रायपुर,5 नवम्बर 2026

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली होने के कारण आयोग का कामकाज प्रभावित होने लगा है। अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से नई भर्तियों, विभागीय पदोन्नति और पहले से चल रही चयन प्रक्रियाओं पर असर पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता राज्य सेवा परीक्षा-2026 के विज्ञापन को लेकर है। यदि 26 नवंबर तक अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होती है, तो निर्धारित समय पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने में देरी हो सकती है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।

57 दिन से खाली है अध्यक्ष का पद

दरअसल, CGPSC की अध्यक्ष रीता शांडिल्य का कार्यकाल 8 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है। 4 नवंबर तक इस पद पर नियुक्ति नहीं होने के 57 दिन पूरे हो चुके थे। खास बात यह है कि आयोग में अध्यक्ष के साथ-साथ कार्यकारी अध्यक्ष का पद भी खाली है।

आयोग के 26 साल के इतिहास में पहली बार इतनी लंबी अवधि तक दोनों पद खाली रहने की स्थिति बनी है। नेतृत्व के अभाव में आयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।

26 नवंबर को जारी होता रहा है राज्य सेवा परीक्षा का विज्ञापन

राज्य सेवा परीक्षा का विज्ञापन सामान्य तौर पर हर साल 26 नवंबर को जारी किया जाता रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग में होने वाली नियुक्ति पर टिकी हुई है।

यदि निर्धारित तारीख से पहले अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होती है, तो राज्य सेवा परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी होने में देरी की आशंका है। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।

करीब 5 हजार कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी

CGPSC में अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने का असर केवल नई भर्तियों तक सीमित नहीं है। विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 5 हजार कर्मचारियों की पदोन्नति भी प्रभावित हो रही है।

उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापकों और प्राध्यापकों की पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग में डॉक्टरों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सहायक परियोजना अधिकारी, असिस्टेंट इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के प्रमोशन अटके हुए हैं।

इसके अलावा राजस्व विभाग में तहसीलदार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में सहायक अभियंता और कार्यपालन अभियंता, सामान्य प्रशासन विभाग में डिप्टी कलेक्टर से ज्वाइंट कलेक्टर सहित लोक निर्माण, जल संसाधन और वन विभाग के पदोन्नति संबंधी मामले भी लंबित हैं।

कई मामलों में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया आयोग से जुड़ी होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है।

राज्य सेवा-2025 के इंटरव्यू और SI भर्ती परीक्षा भी प्रभावित

आयोग में नेतृत्व का अभाव पहले से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं पर भी असर डाल रहा है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 20 विभागों के कुल 265 पदों के लिए 20 सितंबर से 1 अक्टूबर तक इंटरव्यू निर्धारित किए गए थे। इनमें डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न राज्य सेवाओं के पद शामिल थे।

हालांकि, आयोग ने बाद में इन इंटरव्यू को स्थगित कर दिया। इसके साथ ही सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती की लिखित परीक्षा भी टाल दी गई है। इससे भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है।

पहले भी खाली रहे पद, लेकिन इस बार सबसे लंबा इंतजार

CGPSC के इतिहास में इससे पहले भी अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के पद खाली रहे हैं। वर्ष 2008 में 33 दिन और वर्ष 2023 में 26 दिन तक दोनों पद खाली रहने की स्थिति बनी थी। लेकिन इस बार 57 दिन बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं होने से मामला गंभीर हो गया है।

आयोग में पूर्व में कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में डॉ. खेलन राम जांगड़े, नरेंद्र सिंह बहादुरिया, डॉ. दुर्गाशरण चंद्रा, एमएस पैकरा, डॉ. प्रवीण वर्मा और रीता शांडिल्य जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग से नहीं मिला जवाब

इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। फिलहाल आयोग में अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अभ्यर्थियों और सरकारी कर्मचारियों की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

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