रायपुर, 9 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी श्री रामलला दर्शन योजना के तहत प्रदेशवासियों को लगातार प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। इसी क्रम में बुधवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई।
बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालु इस यात्रा के दौरान अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। विशेष ट्रेन के रवाना होने के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय माहौल रहा और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
विशेष ट्रेन को बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी और जिला पंचायत सभापति भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेशवासियों को देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या स्थित श्री रामलला मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके बाद वाराणसी पहुंचकर वे बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। अयोध्या और काशी की संयुक्त यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
सरकार के अनुसार, श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक नागरिक दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। योजना का उद्देश्य ऐसे नागरिकों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है, जिनके लिए व्यक्तिगत स्तर पर ऐसी यात्रा करना कठिन हो सकता है।
श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है और काशी विश्वनाथ के दर्शन से यह यात्रा और भी विशेष हो गई है।
यात्रा की व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
बिलासपुर से रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम का संदेश दे रही है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दिया उत्साह इस धार्मिक यात्रा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।



