रायपुर, 22 अगस्त 2026
लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की दौड़ में पीछे रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर शुरू हो गया है। सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है।
यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान कही।
चार दशकों तक नक्सलवाद ने प्रभावित किया बस्तर का विकास
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से छत्तीसगढ़ में बदलती विकास की तस्वीर, बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता, राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विस्तार पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर तेजी से शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नियद नेल्लानार योजना से गांवों तक पहुंच रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण शासन की पहुंच कठिन थी, वहां आज विकास की योजनाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका की सुविधाओं में भी वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में विकास और समृद्धि की ऐसी मजबूत नींव तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर हो।
पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के खुल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराएं अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं।
उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के लिए नए अवसर बन रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बस्तर की विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले तथा पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर सृजित हों।
नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों को राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा से समृद्ध है और ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर है।
उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और नए एवं उभरते क्षेत्रों के उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश-विदेश के निवेशकों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त विद्युत उपलब्धता, मजबूत अधोसंरचना, देश के मध्य में भौगोलिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अनुकूल बनाती है। सरकार का विशेष जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर तैयार हों।
नवा रायपुर बन रहा शिक्षा और नई तकनीक का उभरता केंद्र
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के संस्थानों की उपलब्धता से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर भी लगातार काम कर रही है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे।
चेन्नई के पत्रकारों का किया सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने भी मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



