रायपुर, 12 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली के अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पर्व मनाया। उन्होंने गौमाता और कृषि औजारों की पूजा की तथा प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री ने नांगर, गैती, कुदारी सहित अन्य कृषि औजारों की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली भी लगाई गई। इस अवसर पर उन्होंने ईश्वर से प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।
छत्तीसगढ़ की माटी और कृषि संस्कृति से जुड़ा पर्व
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व में गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा कि हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान की भावना को भी प्रकट करता है।
लोक परंपराओं के संरक्षण पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन समाज के सभी लोगों की जिम्मेदारी है। हरेली जैसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, प्रकृति और कृषि परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
उन्होंने एक बार फिर प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।



