जगदलपुर, 27 जुलाई 2026। बस्तर जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में कक्षा 5वीं और 8वीं के 485 विद्यार्थियों को गलत अंकसूची (मार्कशीट) वितरित कर दी गई। इस गंभीर चूक के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, गलत अंकसूची मिलने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। अंकसूची विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज होती है, ऐसे में इसमें हुई त्रुटियां आगे की प्रवेश प्रक्रिया और अन्य शैक्षणिक कार्यों में परेशानी का कारण बन सकती हैं। सबसे गंभीर बात यह रही कि गलती सामने आने के बाद भी कई स्थानों पर समय पर संशोधित अंकसूची उपलब्ध नहीं कराई गई।
मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारियों को तत्काल त्रुटियों में सुधार करने के निर्देश दिए गए, लेकिन सुधार कार्य में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित बीईओ (BEO) और एबीईओ (ABEO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि केवल गलत मार्कशीट बदल देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच की जाएगी कि इतनी बड़ी चूक आखिर किन कारणों से हुई। जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि जिन विद्यार्थियों की अंकसूची में त्रुटि हुई है, उन्हें जल्द से जल्द सही मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनके शैक्षणिक भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




