रायपुर, 17 जून 2026
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने राज्यभर में प्रदर्शन तेज कर दिया है। रायपुर और बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बढ़ी हुई बिजली दरों के विरोध में प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया।
रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली दरों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर जनता से वसूली कर रही है। उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार आम लोगों की जेब पर बोझ डालकर योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को सुनियोजित कदम बताते हुए कहा कि इसके पीछे स्मार्ट मीटर और सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा देने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों के विपरीत सरकार अब जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है।
हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज करते हुए औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
CSERC के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की छूट मिलती रहेगी, जिससे प्रदेश के 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा।


