खैरागढ़, 13 जून 2026

मनरेगा कार्य के लिए घर से निकली एक 25 वर्षीय आदिवासी महिला को रास्ते में बाइक सवार युवकों से लिफ्ट लेना भारी पड़ गया। महिला को मदद का भरोसा देकर बाइक पर बैठाने वाले दो युवकों ने सुनसान इलाके में उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। हालांकि महिला ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार घटना साल्हेवारा थाना क्षेत्र की है। महिला 8 जून को मनरेगा कार्य के लिए फोटो खिंचवाने चूल्हा खोदरा जंगल तालाब क्षेत्र जा रही थी। इसी दौरान देवपुराघाट निवासी सिरताज खान और उसका साथी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे और महिला को गंतव्य तक छोड़ने की बात कही।

महिला उनके भरोसे में आकर बाइक पर बैठ गई। आरोप है कि कुछ दूरी तय करने के बाद दोपहर करीब 3:15 बजे बांधाटोला के पास एक सुनसान खेत में बाइक रोक दी गई। यहां दोनों युवकों ने महिला का हाथ और बांह पकड़कर उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की।

महिला की बहादुरी से नाकाम हुई साजिश

घटना के दौरान महिला ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। महिला का विरोध देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। यही बाइक बाद में पुलिस जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

घटना के दो दिन बाद पीड़िता ने साल्हेवारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर सिरताज खान (29) और रितेश मारकंडे (18) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। पहचान परेड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला की सूझबूझ, साहस और तत्काल विरोध के कारण आरोपी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके और आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गए।

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