रायपुर ,4 जून 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।

ईडी ने गिरफ्तारी से एक दिन पहले मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने जमीन दलालों के साथ मिलकर मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया और किसानों को निर्धारित मुआवजे की केवल आधी राशि देकर बाकी रकम हड़प ली।

अप्रैल में हुई थी छापेमारी

ईडी ने 27 अप्रैल को अभनपुर स्थित जयप्रकाश गांधी के घर पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान उसके भाई गोपाल गांधी और सत्यप्रकाश गांधी के निवासों की भी तलाशी ली गई थी। जांच में एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे।

इस मामले में रायपुर, धमतरी और दुर्ग समेत कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। बाद में ईडी अधिकारी नीरज कुमार की शिकायत पर अभनपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई।

हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी

जांच एजेंसी ने हरमीत सिंह खनूजा को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। आरोप है कि उसने पटवारियों और जमीन दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया। किसानों की जमीन खरीदने के बाद दस्तावेजों में कथित तौर पर बैक डेट में नाम दर्ज कराए गए और नामांतरण व भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी पीछे की तारीखों में तैयार किए गए।

चार लोगों की भूमिका जांच के दायरे में

ईडी की जांच में खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन सभी को आरोपी बनाया है और मामले में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच जारी है।

भारतमाला परियोजना से जुड़े इस कथित घोटाले को लेकर ईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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