बस्तर, 6 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहे बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संभाग के सात जिलों से 6 लाख 492 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। खास बात यह है कि खेल के मैदान में उतरने के लिए बस्तर की बेटियां और महिलाएं पुरुषों से आगे हैं।
पंजीकृत खिलाड़ियों में 3 लाख 83 हजार 94 महिलाएं और 2 लाख 18 हजार 398 पुरुष शामिल हैं। इस तरह महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से 1 लाख 63 हजार 696 अधिक है। इतनी बड़ी संख्या में पंजीयन ने बस्तर ओलंपिक को व्यापक स्वरूप दिया है।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण में रिकॉर्ड पंजीयन के लिए बस्तरवासियों के उत्साह की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले दोनों आयोजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। शासन और लोगों के बीच प्रत्यक्ष संबंध मजबूत करने, क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनकी रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खिलाड़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से लगातार तीसरे वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है।
कांकेर जिले से सबसे ज्यादा पंजीयन
बस्तर ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों का पंजीयन 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक किया गया। जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांकेर जिले से सबसे अधिक 1 लाख 23 हजार 216 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा बस्तर जिले से 1 लाख 4 हजार 841, कोण्डागांव से 85 हजार 584, सुकमा से 80 हजार 313, दंतेवाड़ा से 80 हजार 175, नारायणपुर से 63 हजार 506 और बीजापुर से 62 हजार 857 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
तीन स्तरों पर आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं
बस्तर ओलंपिक की प्रतियोगिताएं तीन चरणों में आयोजित की जाएंगी। विकासखंड स्तरीय मुकाबले 4 से 6 नवंबर, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 से 25 नवंबर और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं 7 से 11 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित हैं।
विकासखंड स्तर के विजेता जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। वहीं जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को संभाग स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय आयोजन में प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं सीधे जिला स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
11 खेल विधाओं में होंगे मुकाबले
बस्तर ओलंपिक में जूनियर और सीनियर दो वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं हिस्सा लेंगे, जबकि सीनियर वर्ग में महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
प्रतियोगिता में कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।
दिव्यांग खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मिलेगा अवसर
बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे प्रतिभागी विकासखंड और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में शामिल हुए बिना सीधे संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बस्तर के खेल प्रेमियों, अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में खेल मैदानों में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।



