रायपुर, 30 अक्टूबर 2026

धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर।

छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ बेटियों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को भी नई मजबूती दे रही है। योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। कई महिलाएं इस राशि का एक हिस्सा सुकन्या समृद्धि योजना के खातों में जमा कर रही हैं, ताकि आगे चलकर बेटियों की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक संबल मिल सके।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रही है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं न केवल परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं, बल्कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही महतारी वंदन योजना

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार और परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका मजबूत करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना लागू की गई है। योजना की आधिकारिक शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी और इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को किया था।

इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये, यानी सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी निर्धारित पात्रता के अनुसार इसका लाभ प्राप्त कर रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सुशासन संबंधी प्रमुख प्राथमिकता है। जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होती है।

दंतेवाड़ा की प्रमिला पोतामी बेटी की पढ़ाई के लिए कर रहीं बचत

दंतेवाड़ा जिले के बोडरी गांव की प्रमिला पोतामी के लिए पहले बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे बचाना आसान नहीं था। सीमित आमदनी के कारण भविष्य के लिए बचत करना मुश्किल होता था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनके लिए नई राह खोल दी है।

प्रमिला बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा वह अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हैं। उन्हें विश्वास है कि यह बचत आगे चलकर बेटी की पढ़ाई में काम आएगी।

दक्षिण बस्तर का दंतेवाड़ा लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा के लिए परिवारों द्वारा बचत की पहल बदलती सोच और बेहतर भविष्य की उम्मीद को दर्शाती है।

रायपुर की मीना निषाद ने बेटी के नाम खुलवाया सुकन्या खाता

रायपुर जिले के रावेली गांव की मीना निषाद ने भी अपनी बेटी महिमा के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है।

मीना का कहना है कि महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये वह अपनी बेटी के सुकन्या खाते में जमा करती हैं। उनकी इच्छा है कि यह बचत आगे चलकर बेटी की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मददगार बने।

सूरजपुर की अंजू घरेलू खर्च के साथ कर रहीं बचत

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के पर्री गांव की अंजू कुशवाहा भी महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग समझदारी से कर रही हैं। वह आर्थिक सहायता का कुछ हिस्सा अपनी बेटी के सुकन्या खाते में जमा करती हैं, जबकि शेष राशि घरेलू जरूरतों पर खर्च करती हैं।

उनका कहना है कि नियमित आर्थिक मदद मिलने से अब भविष्य के लिए थोड़ी-बहुत बचत कर पाने का भरोसा बढ़ा है।

खैरागढ़ की दीपाली बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर दे रहीं ध्यान

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के बघमरा गांव की दीपाली मरकाम भी योजना की राशि से बच्चों की स्कूली जरूरतें पूरी करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए बचत कर रही हैं।

उनका कहना है कि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करें और जीवन में आगे बढ़ें। लेकिन सीमित घरेलू संसाधनों के बीच भविष्य के लिए पैसे बचाना आसान नहीं होता। महतारी वंदन योजना से उन्हें बच्चों की पढ़ाई में योगदान देने और बेटी के नाम बचत करने में मदद मिल रही है।

67 लाख से अधिक महिलाओं को मिली 32वीं किस्त

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

8 अक्टूबर 2026 को योजना की 32वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632.40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई।

अब तक इस योजना के माध्यम से महिलाओं को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

इन जिलों की लाखों महिलाओं को मिल रहा योजना का लाभ

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। प्रमुख जिलों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • रायपुर: 5 लाख 13 हजार 534 हितग्राही
  • बिलासपुर: 4 लाख 11 हजार 310 हितग्राही
  • दुर्ग: 3 लाख 89 हजार 507 हितग्राही
  • बलौदाबाजार-भाटापारा: 3 लाख 19 हजार 815 हितग्राही
  • महासमुंद: 3 लाख 12 हजार 162 हितग्राही

इन महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सहायता राशि पहुंचाई जा रही है।

सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य होगा सुरक्षित

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस योजना के जरिए माता-पिता अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा और विवाह जैसी भविष्य की जरूरतों के लिए धन जमा कर सकते हैं।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता और सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से की जा रही बचत महिलाओं को आर्थिक निर्णय लेने का अवसर दे रही है।

छत्तीसगढ़ की इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि छोटी-छोटी नियमित बचत भी बेटियों के बड़े सपनों को पूरा करने की मजबूत नींव बन सकती है। इस तरह महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संकल्प को भी नई मजबूती दे रही है।

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