रायपुर,26 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठकों का दौर जारी रहा। संगठन को मजबूत करने, सरकार और संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने तथा आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की जा रही है।
सोमवार को विधायकों, सांसदों, राज्य सरकार के मंत्रियों, कोर ग्रुप और विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित की गईं। रविवार को हुई बैठकों में कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी के बाद मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, शिकायतें किन मंत्रियों से संबंधित हैं और उनका स्वरूप क्या है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक
प्रदेश भाजपा कार्यालय में सुबह 11 बजे से विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू ने संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के कई भाजपा विधायक कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे। इनमें राजेश मूणत, गोमती साय, दीपेश साहू, भावना बोहरा, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अजय चंद्राकर और पुन्नूलाल मोहले सहित अन्य विधायक शामिल रहे। रेणुका सिंह समेत कई भाजपा नेता भी पार्टी कार्यालय पहुंचे।
सांसदों और मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11:30 बजे से भाजपा सांसदों के साथ बैठक रखी गई। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक राज्य मंत्रिमंडल के मंत्रियों के साथ विशेष बैठक निर्धारित थी।
मंत्रियों के साथ बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई गई। पहले दिन कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी के कारण इस बैठक पर विशेष नजर बनी हुई है।
हालांकि, संबंधित मंत्रियों के नाम और शिकायतों के संबंध में किसी औपचारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
पहले दिन करीब नौ घंटे तक चलीं बैठकें
स्मृति ईरानी ने रविवार को अपने दौरे के पहले दिन करीब नौ घंटे तक संगठन के अलग-अलग स्तर के नेताओं के साथ बैठकें की थीं। इन बैठकों में पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और अन्य पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई।
बैठकों में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
2028 विधानसभा चुनाव पर भाजपा का विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ बैठक में स्मृति ईरानी ने 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार दोबारा बनाने की रणनीति को लेकर चर्चा की। उन्होंने नेताओं को एकजुट होकर काम करने और संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठकों में आगामी चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। पार्टी की कोशिश संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की बताई जा रही है।
कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतों की चर्चा
रविवार को हुई बैठकों के बाद कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों की ओर से मंत्रियों के कामकाज से संबंधित शिकायतें रखे जाने की जानकारी सामने आई।
सूत्रों के मुताबिक, सांसदों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी इस तरह के मुद्दे उठे। हालांकि, किस मंत्री के खिलाफ शिकायत की गई, शिकायतों की प्रकृति क्या थी और क्या किसी तरह की कार्रवाई प्रस्तावित है, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसलिए इन शिकायतों को किसी मंत्री के खिलाफ सिद्ध आरोप या कार्रवाई का संकेत नहीं माना जा सकता।
सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर
पहले दिन की बैठकों में स्मृति ईरानी ने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने तथा जनसंपर्क बढ़ाने का संदेश दिया।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की बात कही गई।
सरकार और संगठन के कामकाज की रिपोर्ट पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, स्मृति ईरानी सरकार और संगठन के कामकाज से संबंधित जानकारी के साथ बैठकों में शामिल हुईं। चर्चा में संगठन की वर्तमान स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसे विषय शामिल रहे।
हालांकि, इन रिपोर्टों की विस्तृत सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल पार्टी के भीतर बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक समीक्षा, नेताओं के बीच समन्वय और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना माना जा रहा है।



