कवर्धा, 20 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर, मां परमेश्वरी मंदिर और मां चंडी मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। उन्होंने कवर्धा की ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा के अंतर्गत रात्रि में निकलने वाली माता काली की प्रसिद्ध खप्पर यात्रा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

100 साल से अधिक पुरानी है खप्पर यात्रा की परंपरा

कवर्धा में महाअष्टमी की रात निकलने वाली खप्पर यात्रा की परंपरा सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण करने की यह परंपरा नगर की सुख-शांति, सुरक्षा और जनकल्याण की कामना के साथ निभाई जाती है। माता के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के दर्शन करने पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं के साथ जसगीत गाकर की माता की आराधना

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खप्पर वाली माता के श्रद्धापूर्वक दर्शन किए और इस प्राचीन परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कवर्धा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की।

उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में भाग लिया और जसगीत गाकर मां भगवती की आराधना की। भक्ति गीतों और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और उनका हालचाल भी जाना।

हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर है खप्पर यात्रा: विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा हमारी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़कर रखती है।

उन्होंने कहा कि महाअष्टमी के पावन अवसर पर माता के दर्शन करना और श्रद्धालुओं के साथ सेवा एवं आराधना में शामिल होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

आस्था और परंपरा का प्रतीक है कवर्धा की खप्पर यात्रा

कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा हर वर्ष श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। यह धार्मिक आयोजन न केवल क्षेत्र की गहरी आस्था को दर्शाता है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखता है।

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