रायपुर, 10 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की राह अब साफ हो गई है। 11 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में चार नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत होने वाले इस समझौते से रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा में आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने का रास्ता खुलेगा।
नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निवास कार्यालय में आयोजित कंसेशन एग्रीमेंट कार्यक्रम में प्रदेश के आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त शामिल होंगे। इनमें रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, रिसाली की महापौर श्रीमती शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर श्री नीरज पाल, बीरगांव के महापौर श्री नंदलाल देवांगन तथा भिलाई-चरोदा के महापौर श्री निर्मल कोसरे शामिल हैं।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, संचालक श्री नीलेश क्षीरसागर और सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे।
चार शहरों को मिलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के अनुसार, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इनमें रायपुर को 100, दुर्ग-भिलाई को 50, बिलासपुर को 50 और कोरबा को 40 बसें मिलेंगी।
बसों के संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर 2026 तक 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का प्रतीकात्मक संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी ई-बसें
ई-बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में आधुनिक और हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यात्री मोबाइल स्कैनर से किराए का भुगतान करने के साथ ऑनलाइन टिकट भी ले सकेंगे।
सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा यात्री मोबाइल एप के माध्यम से बसों के रूट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरी सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी।
इससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहरों की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी।



