रायपुर, 26 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों के जिला कलेक्टरों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी करने को कहा है। उन्होंने विशेष रूप से निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की आशंका होने पर लोगों को समय रहते सचेत करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया है।
आगामी बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर
मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें।
जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरतने तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने और स्थानीय स्तर से मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं। उन्होंने नागरिकों से जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



