रायपुर, 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से नए घरों की चाबी सौंपी गई।
छत्तीसगढ़ को 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवासों की मंजूरी की घोषणा की। इसके साथ ही सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की घोषणा की गई। वहीं बस्तर संभाग में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
प्रतिदिन 1600 से ज्यादा आवास हो रहे पूर्ण
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के साथ उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का लाभ भी गरीब परिवारों तक पहुंच रहा है।
ढाई साल में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को लाभ मिल रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।
सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
ग्रामीण विकास के नए अभियानों का शुभारंभ
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ कई ग्रामीण विकास अभियानों और नवाचारों की शुरुआत भी की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन का शुभारंभ हुआ।
इसके अलावा विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नवीन इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर तथा इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के तहत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ किया गया।
पंचायतों में विकास कार्यों पर लगेगा बारकोड
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गरीब परिवारों के साथ-साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की भी चिंता की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों पर बारकोड लगाया जा रहा है। नागरिक बारकोड स्कैन कर संबंधित विकास कार्य की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्कृष्ट लखपति दीदियों और पंचायतों का सम्मान
कार्यक्रम में आजीविका के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों और डीलर दीदियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार के अनुरूप सरकार गरीब, किसान, महिला और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपती कीर्तन चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।



