रायपुर,11 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राशन वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही तक निर्धारित मात्रा में और समय पर पहुंचना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
आमानारा में राशन नहीं मिलने की शिकायत पर CM ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत से जुड़े वितरण अभिलेखों की जांच की जाए। साथ ही ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान किया जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच में शिकायत सही, राशन दुकान निलंबित
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं पहाड़ी कोरवा परिवारों और अन्य हितग्राहियों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चिड़ोडी की राशन दुकान से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो : CM साय
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के साथ ही जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि हर हितग्राही को समय पर और गुणवत्ता के साथ राशन मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र परिवार को उसका अधिकार बिना किसी बाधा के मिले, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।



